यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ी की बदलती तस्वीरों के जरिए लोगों को खूब लुभा रही है। राज्य शासन के संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों से आयोजित यह मेला अब राजिम कुम्भ के नाम से भी देश-विदेश में लोकप्रिय दो सप्ताह का यह मेला महाशिवरात्रि के अवसर पर आगामी बारह फरवरी को सम्पन्न हो जाएगा।
रायपुर, 08 फरवरी (36गढ़ डाट इन)-महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र संगम पर इतिहास, पुरातत्व और धार्मिक आस्था के प्रमुख केन्द्र राजिम में इन दिनों चल रहे माघ पूर्णिमा के वार्षिक मेले में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी भी लोगों का आकर्षण बनी हुई है।
यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ी की बदलती तस्वीरों के जरिए लोगों को खूब लुभा रही है। राज्य शासन के संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों से आयोजित यह मेला अब राजिम कुम्भ के नाम से भी देश-विदेश में लोकप्रिय दो सप्ताह का यह मेला महाशिवरात्रि के अवसर पर आगामी बारह फरवरी को सम्पन्न हो जाएगा।
मेले में इस वर्ष भी आयोजित विकास प्रदर्शनी में जनसम्पर्क विभाग के मंडप में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य में संचालित शासन की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों पर केन्द्रित सुरूचिपूर्ण छायाचित्रों और उनमें राज भाषा छत्तीसगढ़ी में दिए गए संक्षिप्त विवरणों ने बड़ी संख्या में लोगों ध्यान खींचा है। रात में प्रदर्शनी के मंडपों में लोगों की काफी चहल-पहल देखी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि जनसम्पर्क विभाग की छायाचित्र प्रदर्शनी का यह मंडप अपने 'जम्मो कोती विकास' शीर्षक से सजाए गए अपने प्रवेश द्वार पर मेले में दूर-दराज से हजारों की संख्या में आए श्रध्दालुओं का ध्यान सहज ही आकर्षित कर रहा है।
राजिम, फिंगेश्वर, गरियांबद, धमतरी, नगरी, मैनपुर, अभनपुर आदि आसपास के क्षेत्रों के अलावा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से भी काफी संख्या में लोग राजिम कुम्भ में पुण्य लाभ अर्जित करने पहुंच रहे हैं। शासकीय विकास प्रदर्शनी के मंडप में उन्हें विभिन्न योजनाओं की अच्छी जानकारी मिल रही है।
जनसम्पर्क विभाग के मंडप में गरीबों के लिए संचालित एक रूपए और दो रूपए किलो चावल योजना और नन्हे बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना सहित किसानों, छात्र-छात्राओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए चल रही योजनाओं से प्रदेश की बदलती तस्वीर को राजिम कुम्भ में आए श्रध्दालुजन बड़ी उत्सुकता से निहारते नजर आ रहे हैं।
मेले में पर्यटन और संस्कृति विभाग का प्रदर्शनी मंडप भी लोगों की जिज्ञासा का केन्द्र बना हुआ है, जिसे छत्तीसगढ़ के इतिहास, पुरातत्व और राज्य की समृध्द सांस्कृतिक विरासतों के रंगीन छायाचित्रों से सजाया और संवारा गया है।
इस मंडप के सामने प्रवेश द्वार पर बिलासपुर जिले के ग्राम ताला से प्राप्त 'रूद्र शिव' की विशाल आदमकद प्रतिमा अनायास ही दर्शकों का ध्यान खींच लेती है।
इसके अलावा कृषि, उद्यानिकी, ग्रामोद्योग, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, समाज कल्याण, पंचायत और ग्रामीण विकास, महिला और बाल विकास, स्कूल शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभागों ने भी अपने-अपने मंडपों में जनता को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए छायाचित्रों और मॉडलों का अच्छा प्रदर्शन किया है।
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