श्री तन्मय एक प्रतिभावान गिटार वादक हैं और उन्होंने बालीवुड में शानदार 5 वर्षों तक फिल्मों, टीवी सीरियलों एवं पार्श्व गायकों के साथ रिकार्डिंग एवं स्टेज शो में गिटार वादन किया है।
रायगढ़ (छत्तीसगढ़), 15 जनवरी (36गढ डाट इन)-रायगढ़ में भी आप गिटार सीख सकते हैं। इसके लिए सुविज्ञ गिटार वादक तन्मय दासगुप्ता द्वारा गिटार सीखाने की विशेष प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है।
तन्मय एक प्रतिभावान गिटार वादक हैं और उन्होंने बालीवुड में शानदार 5 वर्षों तक फिल्मों, टीवी सीरियलों एवं पार्श्व गायकों के साथ रिकार्डिंग एवं स्टेज शो में गिटार वादन किया है।
वे रायगढ़ जैसे छोटे शहरों में रहने वाले उभरते और संभावनाशील गिटार वादकों की खोज करेंगे और उनकी प्रतिभा को निखारने का कार्य करेंगे। तन्मय की योजना फरवरी 2010 से विशेष कक्षाएं आरंभ करने की है।
तन्मय ने मुंबई में पार्श्व गायकों- स्व. महेंद्र कपूर, कुमार शानू, शान, नितिन मुकेश, बाबला मेहता, श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान, पूर्णिमा, बाबुल सुप्रियो, प्रसिद्ध भजन गायकों- अनूप जलोटा, हरिओम शरण, गजल गायकों- मनहर उधास, जसवंत सिंह, चंदन दास जैसे नामचीन कलाकारों के साथ गिटार में संगत दी है।
उन्होंने अपने गिटार के माध्यम से इन नामचीन कलाकारों के साथ देश के अनेक हिस्सों में स्टेज शो के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
इतने कम समय में श्री तन्मय द्वारा भारत के महान गायकों के साथ संगत करना उनकी क्षमता और प्रतिभा को प्रमाणित करता है। वैसे भी रायगढ़ एक कला और संस्कृति की नगरी के रूप में अलग पहचान रखता है। यह पहचान ऐसे ही प्रतिभावान कलाकारों की साधना और प्रदर्शन से ही बनती है।
तन्मय दासगुप्ता मूलतः रायगढ़ के निवासी हैं। उन्हें गिटार के प्रति बचपन से लगाव है। उन्होंने 1999 में गिटार की अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए माया नगरी मुंबई का रूख किया।
छत्तीसगढ़ में तन्मय संभवतः एक ऐसे कलाकार हैं, जिन्हें संगीत क¢ स्वर लिपियों (जिसे स्टाफ नोटेशन कहते हैं) का गहरा ज्ञान है। इसे तन्मय की अभूतपूर्व उपलब्धि कही जा सकती है।
गिटार एक लोकप्रिय वाद्य यंत्र हैं औ युवाओं में इन दिनों गिटार सीखने की दीवानगी छाई है। तन्मय युवाओं की इसी दीवानगी को अपने अनुभव के साथ जोड़कर गिटार के प्रति लगाव और भी गहरा करेंगे।
तन्मय दासगुप्ता ने एक विशेष बातचीत में कहा कि आज के हर गीत, हर शो में गिटार एक अनिवार्य और लोकप्रिय वाद्य यंत्र है।
रायगढ़ जैसे छोटे शहरों में गिटार सीखने के लिए युवाओं में गहरी रूचि देखी गई है लेकिन उन्हें उचित मंच नहीं मिलने से उनकी प्रतिभा दबकर रह जाती है।
एक कलाकार होने के नाते मैं अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझता हूं और मैं चाहता हूं कि ज्यादा लोग गिटार सीखें और अपनी प्रतिभा को निखारें।
36गढ डाट इन