Fri, 21 Mar 2008 15:37:00 +0000 होली (कबिता)
रंगों की बरसात हो,गुलालों की सौगात हो,
श्याम कोरी उदय
मार्च 21(36गढ डाट इन)
रंगों की बरसात हो, गुलालों की सौगात हो, तुम हो-मैं हूं और होली की बात हो, रंगों से रच दें, एक नया जहां, रंग ही रंग हों और चेहरे पे मुस्कान हो, अकेले न हम हों अकेले न तुम हो, सब संग-संग हों, रंग हो-गुलाल हो, और होली की बात हो, तेरे-मेरे चेहरे पर प्यार की सौगात हो, सतरंगी हो बदन,, रंगारंग हो वतन, इन्द्रधनुषी हो गगन, तुम हो-मैं हूं, और होली की बात हो, छोड़ दें-त्याग दें, आपसी वैमनस्यता रंग दें एक-दूसरे को, भूल जायें अतीत को, रच दें एक नया जहां, रंग से -गुलाल से, बन जायें हम सखा, रंग ओर गुलाल संग, सतरंगी होली में......................... ......................हमजोली में। ------------------------------------------ श्याम कोरी उदय बिलासपुर(छत्तीसगढ़) फोन न- 9425536146,9300957752
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