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Last Updated: Wed, 18 Oct 2017 08:18:54 -0500

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Sat, 10 Sep 2011 15:32:00 +0000

बाढ़ से प्रभावित जिलों को पांच-पांच करोड़ रूपए की सहायता



मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पन्द्रह करोड़ रूपए की अतिरिक्त सहायता राशि मंजूर करने की घोषणा की है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,10 सितम्बर(36गढ़ डाट इन) मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में बाढ़
पीड़ितों की मदद के लिए पन्द्रह करोड़ रूपए की अतिरिक्त सहायता राशि मंजूर करने की घोषणा की है।

डॉ. सिंह ने आज शाम यहां विधानसभा में यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अभी तक विभिन्न जिलों में राहत कार्यो के
लिए 24 करोड़ रूपए उपलब्ध हैं।

बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित तीनों जिलों- कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा को पांच-पांच करोड़ रूपए की अतिरिक्त सहायता राशि तत्काल जारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित अन्य जिलों में भी पीड़ितों को आवश्यकता के अनुरूप हर संभव सहायता दी
जाएगी। इसके लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होगी।

प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युध्द स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मै स्वयं आपदा प्रबंधन के इस कार्य की निगरानी कर रहा हूं और सदन को विश्वास दिलाता हूं कि आम जनता, सभी जन-प्रतिनिधियों और समाज सेवी संगठनों तथा पुलिस, होमगार्ड के जवानों और शासन के विभिन्न विभागों के सहयोग से इस प्राकृतिक विपदा का सामना सफलता पूर्वक किया जाएगा।

डॉ. रमन सिंह ने बाढ़ की गंभीर स्थिति वाले कोरबा जिले में गृह मंत्री श्री ननकी राम कंवर, रायगढ़ जिले में लोक निर्माण
मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल और जांजगीर-चांपा जिले में खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले को राहत और पुनर्वास कार्यों के
समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण करने के लिए सवेरे राजधानी रायपुर से शासकीय विमान द्वारा रवाना होकर कोरबा जिले में बाल्को नगर के राहत शिविर का दौरा किया और वहां से रायगढ़ आकर इस जिले के विकासखण्ड पुसौर स्थित ग्राम पड़िगांव के राहत शिविर में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

डॉ. रमन सिंह ने राजधानी लौटकर शाम को विधानसभा में प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में सदस्यों को
जानकारी दी। डॉ. रमन सिंह ने सदस्यों को बताया कि मैने स्वयं महानदी की बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए ओड़िशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक से हीराकुण्ड बांध के गेट खोलने के बारे में चर्चा की है।

स्थिति में इस बांध के 59 गेट खोले जा चुके है और जल भराव को ध्यान में रखकर और भी ज्यादा गेट जल्द खोलने की सहमति ओड़िशा सरकार की ओर से दी गयी है। आशा है कि शेष गेट जल्द खोले जाएंगे। इससे पानी का निकास तेजी से होगा और छत्तीसगढ़ मे बाढ़ की स्थिति में सुधार आएगा।

सभी प्रभावित जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बाढ़ रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए है।डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर विगत चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों पर सदन में सदस्यों द्वारा कल और आज भी चिंता व्यक्त की गयी है।

आज की स्थिति में रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा सहित कुछ अन्य जिलों में जल भराव और अधिक वर्षा के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य के सभी नदी-नाले उफान पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बांगो बांध से बहाव को नियंत्रित करने के लिए एक लाख 90 हजार क्यूसिक बहाव को घटाकर तीस हजार क्यूसिक कर दिया गया है।

प्रभावित क्षेत्र में बचाव तथा राहत कार्यों के लिए मोटर बोट का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन की सहायता के लिए
हेलीकॉप्टर भी भेजे गए है। राज्य के विभिन्न स्थानों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन और स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से 80 से अधिकराहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें लगभग साढ़े आठ हजार लोगों को रखा गया है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए दुर्ग जिले में 22, रायगढ़ जिले में 21, जांजगीर-चांपा जिले में 11, बिलासपुर जिले में भी 11, कोरबा जिले
में 9 और राजनांदगांव तथा रायपुर जिले में पांच-पांच राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि वर्षा जनित घटनाओं में अब तक छह लोगों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्यों के जरिए लगभग 625 लोगों को बाढ़ की चपेट से बचाया गया है।

सभी के सहयोग से राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे है। पुलिस और होमगार्ड के जवान तथा स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, राजस्व और शासन के सभी विभागों के मैदानी अधिकारी और कर्मचारी भी पूरे समन्वय से इस दिशा में काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे भी अपने-अपने प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत और बचाव कार्यो में स्थानीय प्रशासन का सहयोग और मार्गदर्शन करें , जिससे लोगों कठिनाई कम हो सके।

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