छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी द्वारा आज संसद में पेश किए गए आगामी वित्तीय वर्ष 2010-11 के रेल बजट को राज्य की जनता के लिए अत्यंत निराशाजनक बताया है।
रायपुर,24 फरवरी (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी द्वारा आज संसद में पेश किए गए आगामी वित्तीय वर्ष 2010-11 के रेल बजट को राज्य की जनता के लिए अत्यंत निराशाजनक बताया है।
डॉ. सिंह ने कहा है कि समग्र रूप से देखा जाए, तो कुछ छोटी-छोटी सुविधाओं को छोड़ कर समग्र रूप से यह रेल बजट देश के आम नागरिकों के लिए भी निराशा जनक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बिलासपुर रेल्वे जोन भारतीय रेल्वे को हर साल सर्वाधिक राजस्व देता है, जबकि इसके अनुपात में देखा जाए, तो राज्य में रेल सुविधाएं बिल्कुल ही पर्याप्त नहीं हैं।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश वासियों के लिए यह दुख का विषय है कि सुश्री ममता बनर्जी के रेल बजट में छत्तीसगढ़ को इस बार भी उपेक्षित रहना पड़ा है।
रेल सुविधाओं के मामले में छत्तीसगढ़ एक बार फिर छला गया है। आज के रेल बजट में ममता जी ने देश के जिन 309 रेल्वे स्टेशनों को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने का ऐलान किया है, उनमें छत्तीसगढ़ का एक भी रेल्वे स्टेशन शामिल नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए यहां रेल सुविधाओं का विकास और विस्तार बहुत जरूरी है, ताकि इस राज्य के लोगों को जिनमें अधिकांश आबादी अनुसूचित जातियों, जनजातियों और पिछड़े वर्गों की है, उन्हें भी इसका लाभ मिल सके।
डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में रेल सुविधाओं के विकास को इस बार के रेल बजट में भी प्राथमिकता नहीं दी गई। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह रेल बजट विचार और कार्य के स्तर पर विरोधाभासी है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान मैने समय-समय पर रेल मंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए कई मांगे रखी थीं।
लगभग डेढ़ महीने पहले विगत आठ जनवरी को रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष श्री एस.एस.खुराना के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान यहां उनके साथ हुई बैठक में भी मैने उन्हें राज्य सरकार की ओर से इन मांगों से अवगत कराया था, जिनमें रायपुर-धमतरी (राजिम सहित) नेरोगेज रेल लाईन को ब्रॉड गेज में बदल कर उसे धमतरी से आगे कांकेर और कोण्डागांव तक विस्तारित करने की मांग भी शामिल है।
कोण्डागांव से जगदलपुर का हिस्सा दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर की स्वीकृत रेल परियोजना का हिस्सा है। इस प्रकार यदि यह मांग पूरी होती है, तो रायपुर से धमतरी होते हुए लोगों को जगदलपुर तक रेल सेवा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रेल मंत्रालय से डोंगरगढ़ से कोटा तक नई बड़ी रेल लाईन के सर्वेक्षण प्रोजेक्ट में संशोधन करते हुए इसमें खैरागढ़, गंडई, सहसपुर-लोहारा, कवर्धा, पण्डरिया ।
मुंगेली और तखतपुर सहित उसलापुर को भी शामिल करने, रायगढ़-छाल रेल लाईन सर्वे को आगे बढ़ाते हुए पत्थलगांव, जशपुर, गुमला तथा रांची, (झारखंड) तक बढ़ाने और दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के काम में तेजी लाने की मांग की है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से यह भी मांग की गई है कि उड़ीसा के कोरापुट तक आने वाली तीन प्रमुख यात्री गाड़ियों-समलेश्वरी एक्सप्रेस, कोरापुट-भुवनेश्वर-हीराकुण्ड एक्सप्रेस तथा राउरकेला-कोरापुट एक्सप्रेस को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर (बस्तर) तक बढ़ाया जाए।
अम्बिकापुर-रायपुर के बीच इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन सेवा दिन में शुरू की जाए। इसके अलावा रायपुर और बिलासपुर के बीच एक नई लोकल ट्रेन शुरू करने, जगदलपुर से टिटिलागढ़ (उड़ीसा) होते हुए रायपुर और बिलासपुर तक एक नई ट्रेन शुरू करने (जिसका विस्तार अम्बिकापुर तक भी किया जा सकता है),
डोंगरगढ़ में टर्मिनल सुविधा और वाशिंग लाईन सुविधा विकसित करने, रायगढ़ और कोरबा में स्वीकृत टर्मिनलों का निर्माण जल्द करने रायपुर तथा बिलासपुर के रेल्वे जंक्शन को विश्व स्तरीय रेल्वे स्टेशन के रूप में विकसित करने, राजनांदगांव, रायगढ़, नैला, चाम्पा, कोरबा, अम्बिकापुर, महासमुंद और जगदलपुर के रेल्वे स्टेशनों को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की मांग भी रेल मंत्रालय से राज्य शासन द्वारा की जा चुकी है।
36गढ़ डाट इन