छत्तीसगढ़ के मछली पालकों को आधुनिकतम बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिलासपुर और दुर्ग नगर निगम क्षेत्रों में सेहत की दृष्टि से साफ-सुथरे (हाईजीनिक) थोक मछली बाजार स्थापित किए जाएंगे।
रायपुर,19 फरवरी (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के मछली पालकों को आधुनिकतम बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिलासपुर और दुर्ग नगर निगम क्षेत्रों में सेहत की दृष्टि से साफ-सुथरे (हाईजीनिक) थोक मछली बाजार स्थापित किए जाएंगे।
राज्य सरकार के कृषि (मछली पालन) विभाग द्वारा इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर राष्ट्रीय मात्स्यिकीय विकास बोर्ड को भेजा गया है।
इन बाजारों का निर्माण एक-एक करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से संभागीय मुख्यालय बिलासपुर और राजधानी रायपुर में भी मछली बेचने के लिए पूरी तरह वातानुकूलित (ए.सी.) फुटकर बाजार की स्थापना का भी प्रस्ताव किया गया है।
इस संबंध में राष्ट्रीय मात्स्यिकीय विकास बोर्ड द्वारा आगामी दो मार्च को मुंबई स्थित कार्यालय में क्षेत्रिय अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई है।
इसी संबंध में आगामी 14 मार्च को नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शरद पवार की अध्यक्षता में भी बैठक होगी। बैठक में राज्य शासन के मछली पालन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।
मछली पालन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के बिलासपुर और दुर्ग नगर निगम क्षेत्रों में प्रस्तावित हाईजीनिक थोक मछली बाजार के निर्माण के लिए राष्ट्रीय मात्स्यिकीय विकास बोर्ड द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। शेष 10 प्रतिशत राशि संबंधित नगर पालिक निगमों द्वारा वहन की जाएगी।
बाजार राज्य के मछली पालन विभाग के अधिकारियों की देख-रेख और मार्गदर्शन में स्थापित होंगे।
बाजारों में मछली पालकों को ठहरने, परिवहन सहित मछलियां रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इन बाजारों में मछली पालकों के लिए स्वच्छता संबंधी विशेष आधारभूत संरचनाओं का भी निर्माण किया जाएगा।
राज्य शासन द्वारा इन हाईजीनिक थोक मछली बाजारों की स्थापना के लिए स्थल चयन करने के निर्देश जिला प्रशासन और संबंधित नगर निगम के अधिकारियों को दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं को ताजी और साफसुथरी मछलियां वाजिब दामों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिलासपुर और रायपुर नगर निगम क्षेत्र में पूर्णत: वातानुकूलित मछली बाजार बनाने का प्रस्ताव भी राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय मात्स्यिकीय विकास बोर्ड को भेजा गया है।
इन बाजारों में उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर देशी और उन्नत किस्म की मछलियां उपलब्ध हो सेकेंगी। बाजारों की स्थापना से मछली पालकों को उनके मछलियों का उचित दाम मिलेगा और मछली पालन को व्यवसाय के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
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