रायपुर, 15 फरवरी (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के 18 में से 10 जिले ऐसे हैं, जहां एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं हैं।
ज्यादातर इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के आसपास स्थित हैं और नित नए कालेज खुल रहे हैं। प्रदेश में 49 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। इनमें से 42 कॉलेज रायगढ़ से राजनांदगांव तक रेलवे ट्रैक के आसपास बने हैं।
रायपुर और दुर्ग में सर्वाधिक तीन दर्जन कॉलेज हैं। बस्तर में एक शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज है। तकनीकी शिक्षा विभाग को इस पर आपत्ति है। विभाग अब नए कॉलेजों को दूसरे जिलों में विस्तारित करना चाहता है।
विभाग की मंसा है कि नए कॉलेजों के आवेदन मिलने पर उन्हें आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में कॉलेज खोलने कहा जाएगा। इसके लिए उन्हें कुछ प्रोत्साहन के लिए कुछ छूट भी दी जा सकती है।
प्रदेशभर के छात्रों का दबाव तीन-चार जिलों तक सीमित हो गया है। दूरस्थ इलाकों में रहने वाले छात्रों को पढ़ाई के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है। छात्रों को शहर में रहने के लिए हॉस्टल नहीं मिलते। उन्हें किराए के मकानों में रहना पड़ता है।
प्रदेश में औद्योगिक विकास रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, रायगढ़ सहित कुछ जिलों तक सीमित है। बस्तर में एस्सार और टाटा का स्टील प्लांट लग रहा है।
इसलिए सभी जिलों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार करना आवश्यक है। तकनीकी शिक्षा सचिव नारायण सिंह ने बताया कि एआईसीटीई ने कॉलेजों को अनुमति देने की प्रक्रिया बदल दी है।
कॉलेज खोलने की इच्छुक संस्थाओं को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद एआईसीटीई राज्य तकनीकी शिक्षा संचालनालय से एनओसी मांगेगा।
इसके बाद ही उसे कॉलेज खोलने की अनुमति मिलेगी। पहले यह प्रक्रिया अलग थी। एआईसीटीई राज्य की एनओसी के बिना ही अनुमति दे देता था। विभाग संस्थाओं को दूरस्थ अंचलों में कॉलेज खोलने के लिए दबाव डालेगा।
36गढ़ डाट इन