व्यापारियों ने यहां के तेंदूपत्ते खरीदने में इस बार खासा उत्साह दिखाया है। तीन चरणों में निविदाओं के माध्यम से सारे तेंदूपत्तों का विक्रय किया गया है।
रायपुर 8 जनवरी (36गढ़ डाट इन)-छत्तीसगढ़ के वनों से आगामी मौसम में उत्पादित सारे तेंदूपत्तों का अग्रिम रूप से विक्रय किया जा चुका है।
व्यापारियों ने यहां के तेंदूपत्ते खरीदने में इस बार खासा उत्साह दिखाया है। तीन चरणों में निविदाओं के माध्यम से सारे तेंदूपत्तों का विक्रय किया गया है।
अंतिम रूप से बचे पन्द्रह लॉटों को भी इस महीने की दो तारीख को तीन करोड़ 50 लाख रूपए में विक्रय किया गया। वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी की अध्यक्षता में आज दोपहर यहां मंत्रालय में आयोजित वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति की बैठक में प्राप्त निविदा दरों का अनुमोदन भी किया गया।
उल्लेखनीय है कि चालू तेंदूपत्ता मौसम में छत्तीसगढ़ में सोलह लाख 39 हजार मानक बोरे तेंदूपत्ता के संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। इसे निविदाओं के जरिये तीन सौ 58 करोड़ रूपए में व्यापारियों को विक्रय किया गया है।
तेंदूपत्ते का संग्रहण गांवों में प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के द्वारा फड़ों के माध्यम से किया जाता है। फड़ों पर अच्छी तरह हरे पत्तों को सूखा लेने के बाद नजदीक के गोदामों में भण्डारित किया जाता है।
हरे तेंदूपत्ता का संग्रहण ग्रामीणों के लिए मौसमी रोजगार और अतिरिक्त आमदनी का अच्छा जरिया है। लगभग तेरह लाख ग्रामीण परिवार छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से सीधे जुड़े हुये हैं।
संग्रहण्ा मजूदरी के रूप में उन्हें करीब एक सौ करोड़ रूपये की राशि मिलेगी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा तेंदूपत्तें का मूल्य बढ़ाकर छह सौ 50 रूपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है।
वन मंत्री ने तेंदूपत्ता के अच्छे भाव मिलने पर खुशी व्यक्त की है और कहा कि अंतत: इसका लाभ छत्तीसगढ़ के मेहनतकश वनवासियों को मिलेगा।
रोजगार के साथ-साथ उन्हें अब अधिक प्रोत्साहन राशि मिलेगी। श्री उसेण्डी ने तेंदूपत्ते में गुणवत्ता लाने के लिए अच्छी तरह बूटा कटाई के निर्देश दिये हैं।
वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति की बैठक में वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री डी.एस. मिश्रा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के.शर्मा, राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के कार्यकारी संचालक श्री बी.एल.सरन उपस्थित थे।
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