छत्तीसगढ़ में करीब साढ़े पांच करोड़ की आवश्यक वस्तुएं जब्त: लगभग 1.16 लाख डुप्लीकेट राशन कार्ड भी निरस्त किए गए
रायपुर 06 फरवरी (36गढ़ डाट इन)- सार्वजनिक वितरण प्रणाली में और भी अधिक कसावट लाने छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा राशन दुकानों के आकस्मिक निरीक्षण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2009-10 के दौरान विगत दिसम्बर माह तक राशन सामग्री के दुरूपयोग के 44 प्रकरणों में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ पुलिस थानों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई और लगभग पांच करोड़ 40 लाख रूपए मूल्य की आवश्यक वस्तुओं को जब्त कर उचित मूल्य की पैसठ दुकानों को निरस्त कर दिया गया।
राज्य में इस वर्ष अब तक लगभग एक लाख 16 हजार डुप्लीकेट अथवा बोगस राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में यह जानकारी दी।
डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर बताया कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित राशन दुकानों के काम-काज के सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की व्यवस्था की गई है।
सभी उचित मूल्य दुकानों में हर महीने की सात तारीख से पहले राशन सामग्री का अग्रिम भंडारण करते हुए हर माह चावल उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें उपभोक्ताओं को अपनी दुकान में राशन के भण्डारण और वितरण की पूरी जानकारी मिलती है।
राज्य शासन द्वारा प्रदेश के गरीबी रेखा श्रेणी के सभी 36 लाख परिवारों को राशन कार्ड पर हर महीने दो किलो आयोडीन नमक नि:शुल्क दिया जा रहा है, वहीं स्वयं के संसाधनों से इन गरीब परिवारों को सिर्फ एक रूपए और दो रूपए किलो की दर से हर महीने 35 किलो खाद्यान्न भी दिया जा रहा है।
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