ेटियों के द्वारा कंधा देने और मुखाग्नि देने की खबरें प्रायः आने लगी हैं लेकिन बहुओं के द्वारा अपने ससुर की अर्थी को कंधा देना निश्चय ही चकित कर देनेवाली बात है।
दुर्ग, 6 फरवरी (36गढ़ डाट इन) दुर्ग जिले के स्वतंत्रता सेनानी दाऊ निरंजन लाल गुप्ता की अर्थी को उनकी बहुओं ने कंधा देकर सभ्य समाज की रूढ़ीवादी परम्पराओं पर कुठाराघात किया।
बेटियों के द्वारा कंधा देने और मुखाग्नि देने की खबरें प्रायः आने लगी हैं लेकिन बहुओं के द्वारा अपने ससुर की अर्थी को कंधा देना निश्चय ही चकित कर देनेवाली बात है।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि दुर्ग जिले कसारीडीह निवासी चर्चित स्वतंत्रता सेनानी एवं कांग्रेस के स्थानीय नेता दाऊ निरंजन लाल गुप्ता की मृत्यु के उपरंात उनकी शवयात्रा की तैयारी चल रही थीं।
इसी बीच दाऊ निरंजन लाल गुप्ता की चार बहुओं ने आगे बढ़कर निर्णय लिया कि वे अपने ससुर के अर्थी को कंधा देंगी। उनकी अंतिम यात्रा उन्हीं के कंधों पर पूरी होगी।
बताया जाता है कि स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजिक चिंतक निरंजन लाल गुप्ता की भी हार्दिक इच्छा थी कि उनकी अंतिम यात्रा बहुओं के कंधे पर पूरी हो।
परम्परिक मंत्रोच्चार के बाद उनकी पुत्री सरस्वती गुप्ता ने दाऊ निरंजन लाल गुप्ता को मुखाग्नि दी। काबिले जिक्र है कि नब्बे वर्षीय दाऊ निरंजन लाल गुप्ता वरिष्ठ छतीसगढ़ी साहित्यकार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता थे।
36गढ़ डाट इन