सिंह ने राज्य के दो नये राजस्व जिलों - नारायणपुर और बीजापुर तथा चार नये पुलिस जिलों - बलरामपुर, सूरजपुर, नारायणपुर और बीजापुर में बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रधानमंत्री से इनमें से प्रत्येक जिले को दो सौ करोड़ रूपए का विशेष पैकेज स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया ।
रायपुर 07 फरवरी (36गढ़ डाट इन)-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में कानून व्यवस्था सहित विकास कार्यों के लिए और भी ज्यादा केन्द्रीय मदद की मांग की है।
सिंह ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में 'आंतरिक सुरक्षा' विषय पर आयोजित मुख्यमंत्रियों के एक दिवसीय सम्मेलन में यह भी कहा कि देश और दुनिया की बदलती परिस्थितियों में आपसी समन्वय और सहभागिता से ही इस विषय पर बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
सम्मेलन में रमन ने छत्तीसगढ़ में पुलिस संसाधनों के विकास के लिए आठ सौ पन्द्रह करोड़ रूपयों की जरूरत बतायी और कहा कि तेरहवें वित्त आयोग को राज्य सरकार द्वारा पहले ही दिए जा चुके इस प्रस्ताव के अनुरूप केन्द्र द्वारा छत्तीसगढ़ को यह धनराशि जल्द जारी की जानी चाहिए।
सिंह ने राज्य के दो नये राजस्व जिलों - नारायणपुर और बीजापुर तथा चार नये पुलिस जिलों - बलरामपुर, सूरजपुर, नारायणपुर और बीजापुर में बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रधानमंत्री से इनमें से प्रत्येक जिले को दो सौ करोड़ रूपए का विशेष पैकेज स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया ।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में पेयजल व्यवस्था को और भी बेहतर बनाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गयी 409 करोड़ रूपए की कार्ययोजना भी जल्द स्वीकृत करने का आग्रह किया।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की आवासीय सुविधाओं के लिए भी केन्द्र से विशेष पैकेज की मांग रखी।
मुख्यमंत्री नेे एक बार फिर नक्सलवाद और आतंकवाद को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए कहा है कि नक्सलवाद को खत्म करने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि पिछले कई दशकों से नक्सलियों के अत्याचारों से पीड़ित दूर-दराज के पिछड़े और दुर्गम इलाकों में सामाजिक-आर्थिक विकास का परचम फहराया जाए।
नक्सल पीड़ितों का अच्छा पुनर्वास हो और दिग्भ्रमित युवाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाए।
36गढ़ डाट इन