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Last Updated: Thu, 29 Jul 2010 11:59:29 +0530

Fri, 05 Feb 2010 19:46:00 +0000

दो चरणों में जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव



प्रदेश के जिला बस्तर, नारायणपुर और राजनांदगांव जिले की जनपद पंचायत डोगरगांव की जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 14 फरवरी तथा शेष सभी जिलों की जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 19 फरवरी को होगा।
36गढ़ डाट इन

रायपुर, 05 फरवरी (36गढ़ डाट इन)छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन-2010 के बाद प्रदेश की जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव और प्रथम सम्मिलन दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।

 प्रदेश के जिला बस्तर, नारायणपुर और राजनांदगांव जिले की जनपद पंचायत डोगरगांव की जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 14 फरवरी तथा शेष सभी जिलों की जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 19 फरवरी को होगा।

इसी प्रकार प्रदेश की जनपद पंचायतों का प्रथम सम्मिलन दो चरणों में 19 और 28 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के जिला बस्तर और नारायणपुर में 19 फरवरी को और शेष सभी जिलों में 28 फरवरी को प्रथम सम्मिलन आयोजित किया जाएगा।

प्रथम सम्मिलन के दिन ही जनपद पंचायतों के नव-निर्वाचित पदाधिकारी कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस सम्मिलन की अध्यक्षता नव-निर्वाचित अध्यक्ष द्वारा की जाएगी।

राज्य शासन के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन और प्रथम सम्मिलन आयोजित करने के लिए समय-सारणी भेजते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्रवाई सम्पन्न कराने के निर्देश दिए गए है।

जिला पुलिस अधीक्षकों को भी ग्राम पंचायतों के सम्मिलन स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है।

परिपत्र के साथ भेजी गई समय-सारणी के अनुसार जिला बस्तर, नारायणपुर की सभी जनपद पंचायतों और राजनांदगांव जिले की डोंगरगांव जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए आठ फरवरी को सूचना जारी की जाएगी और 14 फरवरी को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन होगा।

 निर्वाचन के बाद 15 फरवरी को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जनपद पंचायत सदस्यों के निर्वाचन के प्रकाशन की अधिसूचना जारी करने के बाद इसी दिन इन सभी नव निर्वाचित सदस्यों को प्रथम सम्मिलन की सूचना जारी की जाएगी।

जिला बस्तर, नारायणपुर की सभी जनपद पंचायतों का प्रथम सम्मिलन (विशेष) का आयोजन 19 फरवरी को किया जाएगा, जबकि राजनांदगांव जिले की जनपद पंचायत डोंगरगढ़ का प्रथम सम्मिलन 28 फरवरी को आयोजित होगा।

इसी प्रकार प्रदेश की शेष सभी जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए सूचना 11 फरवरी को जारी की जाएगी और 19 फरवरी को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन होगा।

 निर्वाचन के बाद 20 फरवरी को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जनपद पंचायत सदस्यों के निर्वाचन के प्रकाशन की अधिसूचना के बाद इसी दिन इन सभी नव निर्वाचित सदस्यों को प्रथम सम्मिलन की सूचना जारी की जाएगी।

इन सभी जनपद पंचायतों का प्रथम सम्मिलन (विशेष) का आयोजन 28 फरवरी को किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पंचायतों के सामान्य निर्वाचन- 2010 में जनपद पंचायत सदस्यों के निर्वाचन की कार्यवाही पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-25 के तहत जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा।

 इनके निर्वाचन के बाद निर्वाचन को अधिसूचित करने की कार्रवाई धारा-26 के अनुसार की जाएगी। विगत पंचायत निर्वाचन-2005 के बाद सामान्य तौर पर जनपद पंचायतों का प्रथम सम्मिलन एक मार्च 2005 को आयोजित किए गए थे।

इस प्रकार इन जनपद पंचायतों का कार्यकाल 28 फरवरी 2010 को समाप्त हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा पंचायत निर्वाचन-2010 के कार्यक्रम अनुसार पंचायतों के निर्वाचन के बाद सारणीकरण का कार्य 7 फरवरी 2010 को पूर्ण हो जाएगा।

इसके बाद जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन संपन्न कराये जाएंगे। निर्वाचन कार्य पूर्ण होने के बाद ही धारा-26 के अनुसार जनपद पंचायत की अधिसूचना का प्रकाशन किया जाएगा।

जनपद पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का निर्वाचन परिपत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा-25 में प्रत्येक जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन का प्रावधान है।

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव, संबंधित जनपद पंचायतों के नव निर्वाचित सदस्यों में से ही, सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

अनुसूचित क्षेत्रों में सभी जनपद पंचायतों के अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। अनुसूचित क्षेत्रों से भिन्न क्षेत्रों में अधिनियम की धारा-25 (4) के अनुसार यदि जनपद पंचायत का अध्यक्ष अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग का नहीं है तो उपाध्यक्ष ऐसी जातियों, जन-जातियों या अन्य पिछड़ा वर्ग से होगा।

यदि अध्यक्ष ऐसी अनुसूचित जातियों, जनजातियों या अन्य पिछड़ा वर्ग से निर्वाचित है, तो उपाध्यक्ष किसी भी जाति, वर्ग का महिला या पुरूष हो सकता है।

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन सम्मिलन के लिए सूचना परिपत्र में कहा गया है कि जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की कार्रवाई के लिए आयोजित किए जाने वाले सम्मिलन की सूचना समस्त निर्वाचित सदस्यों को भेजी जाए।

 जनपद पंचायतों के निर्वाचित सदस्यों को सूचना अधिनियम की धारा-25 (1) के अनुसार उपखण्ड अधिकारी (राजस्व) द्वारा निर्धारित प्रारूप में सम्मिलन की निर्धारित तिथि से कम से कम पांच दिन पूर्व भेजी जाए।

इस सूचना में सम्मिलन का स्थान, तिथि और समय का उल्लेख किया जाए। इस सूचना की एक प्रति संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय के सूचना पटल पर भी प्रदर्शित की जाए।

 सम्मिलन की सूचना यदि व्यक्तिगत दी जाती है तो उसे तामील माना जाएगा। इस सूचना की एक प्रति पीठासीन अधिकारी को भी दी जाएगी, जिससे वह निर्धारित तिथि व समय पर सम्मिलन में उपस्थित हो सके।

पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति

परिपत्र में कहा गया है कि जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए पीठासीन अधिकारी के नियुक्ति की कार्यवाही छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत एक पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी जो तहसीलदार की श्रेणी से कम नहीं होगा।

 पीठासीन अधिकारी की सहायता के लिए एक सहायक पीठासीन अधिकारी भी नियुक्ति किया जाएगा, जो पीठासीन अधिकारी के साथ सम्मिलन में उपस्थित हो सकेगा।

नियुक्त अधिकारी कलेक्टर के मार्गदर्शन में निर्वाचन कार्य को सुचारू रूप से नियमानुसार संपन्न करने के लिए उत्तरदायी होंगे।

निर्वाचन की कार्यवाही

परिपत्र में कहा गया है कि जनपद पंचायत अध्यक्ष का निर्वाचन पहले किया जाएगा, इसके बाद उपाध्यक्ष पद का निर्वाचन होगा।

अध्यक्ष पद के लिए किए गए आरक्षण की जानकारी से अवगत कराने के लिए अधिसूचना की प्रति अनिवार्य रूप से पीठासीन अधिकारी को उपलब्ध करायी जाए।

 अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिए सम्मिलन संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय या पंचायत क्षेत्र के ऐसे उपयुक्त स्थान पर आयोजित किया जाए जिसकी सूचना निर्वाचित सदस्यों को दी गयी है।

पीठासीन अधिकारी नियमानुसार निर्वाचन की कार्यवाही पूरी करने के बाद अपने हस्ताक्षर से निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नामों की सूचना सम्मिलन स्थल के बाहर सूचना पटल पर प्रदर्शित करवाएंगे।

इसके बाद निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को निर्धारित प्रारूप में निर्वाचन का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की अधिसूचना विहित अधिकारी जिले के संयुक्त/उप संचालक पंचायत एवं समाज कल्याण्ा के हस्ताक्षर से जनपद और जिला पंचायत के सूचना पटल पर प्रदर्शित की जाएगी।

जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन के बाद अधिनियम की धारा-26 में जनपद पंचायत के निर्वाचन को विहित अधिकारी द्वारा तत्काल अधिसूचित किया जाएगा, जिससे प्रथम सम्मेलन निर्धारित समय पर आयोजित हो सके।

अधिसूचना के नियमानुसार प्रकाशन के बाद उसकी एक-एक प्रति (सी.डी. सहित) संचालक पंचायत एवं समाज सेवा विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रथम सम्मिलन का आयोजन

जनपद पंचायतों के निर्वाचन की अधिसूचना के प्रकाशन के बाद अधिनियम की धारा के अनुसार प्रथम सम्मिलन निर्धारित तिथि में ही आयोजित किए जाने की कार्रवाई की जाए। जनपद पंचायत के प्रथम सम्मेलन की सूचना मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा नियमानुसार जारी की जाएगी।

सूचना की विषय सूची में पंचायत का प्रथम सम्मिलन एवं निर्वाचित पदाधिकारियों के द्वारा कार्यभार ग्रहण संबंधी कार्रवाई का उल्लेख किया जाएगा।

 यदि किसी जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पद रिक्त हो तो सूचना जारी करने के प्रयोजन एवं प्रथम बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के दायित्व के निर्वहन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद का प्रभार किसी अन्य अधिकारी को दिए जाने की व्यवस्था की जाए।

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